कौन है यह
August 13th, 2008

यह मै किसके पंजों में हूँ
कौन है यह जो मुझे
नोचे झिझोडे चबाए चला जा रहा है

कौन है यह जिसकी लार में
लिथडता जा रहा है मेरा ज़िस्म

कौन है यह जिसकी डकारों की आवृत्तियाँ
मेरी सांसों को उल्टा किये दे रहीं हैं

कौन है यह जो निकाल कर
खा रहा है मेरी आत्मा
कौन है यह जो तोड रहा है मेरी रीढ

कौन है यह जिसके आगे
मेन्यू कार्ड ले कर खडा हूँ मै

उसके लिये
किताब में छुपा कर
रखा है लड़की ने एक प्रेम पत्र
जिसे करती है प्रेम वो

पिता ने पढ़ी किताब
रख दी
प्रेम पत्र नहीं पढ़ा

भाई ने पढ़ी किताब
रख दी
प्रेम पत्र नहीं पढ़ा

माँ ने पढ़ी किताब
रख दी
प्रेम पत्र नहीं पढ़ा

दीदी की बिटिया ने
एक दिन पा ली किताब
छोटी सी बिटिया ने
फाड़ डाली समूची किताब
पन्ने-पन्ने उड़ा दिये हवा में
प्रेम पत्र की बना डाली नाव
घर के पीछे बहती नदी में
तैरा दी नाव

प्रेम पत्र का सफर शुरू हो गया है
बिटिया नाव के पीछे-पीछे
दौड़ रही है

लड़की कैलेंडर मे तारीख बदल रही है।

रचना काल 1997