रोजी रोटी के लिये विज्ञापन बनाता हूँ…
खुराफात का भरोसा नही इसलिये कविताये लिखता हू..
पेंटिग करता हूँ.फोटोग्राफी करता हूँ. ..
बाकी जो मन मे आये करने की कोशिश करता हू…
कई बार कर भी लेता हू.
रोजी रोटी के लिये विज्ञापन बनाता हूँ…
खुराफात का भरोसा नही इसलिये कविताये लिखता हू..
पेंटिग करता हूँ.फोटोग्राफी करता हूँ. ..
बाकी जो मन मे आये करने की कोशिश करता हू…
कई बार कर भी लेता हू.
बाप धरा मसान मा बाजन लागा फोन
कर्जा लीजै कार का सबते बढिया लोन
आई छीक वज़ीर का टीवी रहा दिखाए
भूत चुडैलें हँसि रहे दाँतन का चमकाए
सागर गागर मे गया पढन प्रेम को पाठ
प्यासे छक कर पी रहे पानी को मिल बाँट
सुविधा अब हर चीज की मिलती आठो याम
जब चाहो तब मरि रहो बारिस सर्दी घाम