गलत मत कहो..
हज़ारों साल पुराने देश में
साठ साल की आज़ादी
अर्थ क्या हैं इस बात के?
नियॉन साइनों, बिलबोर्डों और टीवी की रोशनी में
अधुनातन एंटी एज़िंग क्रीम और पुरातन खुशबुओं से दमकाये देश को
नई दुनिया की नई पीढ़ी को दिखाया जा रहा है
गोया कि एक मातम को एक ज़श्न की तरह चमकाया जा रहा है
आज़ादी है हत्यारों की,
आज़ादी है लालची सौदागरों की,
आज़ादी है वहशियों और मदान्ध हाथियों की,
झुर्रियों और खून के थक्कों में जमा देश
डर से दौड़ता है
कुछ मारते हैं किलकारियाँ
बाकी करते हैं हाहाकार..
कि आज़ादी एक गरीब दलित स्त्री की योनि है
जिसके बलात्कार पर कोई शर्मसार नहीं होता
आधी रात को हमें मिली थी आज़ादी
क्या इसीलिये अभी तक नहीं निकला सूरज
खुशियाँ मनाओ कि दुर्गन्ध से बचने के लिये
कोलोन है..डियोड्रेंट है…आज़ादी है।
