थोडी सी शराब और थोडी सी नमकीन के साथ

गुज़र जाएगी रात

और दिन भी गुज़र जाएगा

वैसा ही काम चलाऊ

 

बेमतलब की हंसी के बीच

टगें रहेंगे वेताल प्रश्न

रोना हँसने का एक अनिवार्य कारण होगा

और कोई भी रोता हुआ नहीं पाया जाएगा

मैं एक रात बैठूँगा सडक के किनारे

और तारे न गिन पाने के कारण

हँसता हुआ पाया जाऊँगा

तुम्हे याद करूँगा…और ह्सूँगा कि

तुम मुझे अब याद् नहीं करतीं

ठीक उसी वक़्त नेशनल स्टाक एक्सचेंज में

सेंसेक्स उठ गिर रहा होगा..

और सोते वक़्त भी झपक रही होंगी तुम्हारी आँखें..

मूँगफलियाँ अगर सत्य होतीं

तो इश्वर बादाम नहीं बनाता…

मगर मैं इस मूँगफली के छिलके का क्या करुं

जो मेरे दाँतों में मज़बूती से फंस गया है

लगता है अब यह भी मुझे हँसा कर ही दम लेगा