तारा और मैं
November 14th, 2006

I
यह मैं हूँ और एह मेरा कमरा
इस कमरे की है एक छत
छत के उपर होगा आसमान
उसमें टिमटीमा रहा होगा कोई तारा
ऐसा मैं सोचता हूँ
ऐसा कोई और भी सोचता होगा क्या?

II
यह मैं हूँ और एह मेरे उपर आसमान
मेरे नीचे है एक कमरा
उस कमरे में कोई होगा क्या
मेरी तरह जागता हुआ?